GSSS MALAKHERA में MEGA PTM का आयोजन

 GSSS मालाखेड़ा में मेगा पीटीएम का भव्य आयोजन


GSSS मालाखेड़ा स्कूल में एक प्रेरणादायक और सफल मेगा PTM का आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस आयोजन का उद्देश्य छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक और सर्वांगीण विकास हेतु अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सशक्त संवाद स्थापित करना था।


कार्यक्रम की अगुवाई स्कूल की प्राचार्या श्रीमती भारती जैन ने की, जिन्होंने अपने मार्गदर्शन से आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। PTM प्रभारी सुनीता गुप्ता ने आयोजन की रूपरेखा तैयार करने और इसके क्रियान्वयन में अहम योगदान दिया।


शानदार प्रस्तुतियाँ और संवाद


इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें नृत्य, गीत और भाषण शामिल थे। अभिभावकों को अपने बच्चों की प्रगति रिपोर्ट के साथ-साथ शिक्षकों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा करने का अवसर मिला, जिससे उन्हें अपने बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन और व्यवहार में सुधार के सुझाव मिले।


स्टाफ की अहम भूमिका


GSSS मालाखेड़ा के समर्पित शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग दिया। सभी ने मिलकर कार्यक्रम की तैयारी, व्यवस्था और संचालन को बेहतरीन ढंग से अंजाम दिया। यह आयोजन टीम वर्क और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।







  1. PTM के अभिभावकों के लिए लाभ:

1. बच्चों की प्रगति की जानकारी:
PTM के माध्यम से अभिभावक अपने बच्चे की पढ़ाई, व्यवहार, कमजोर और मजबूत विषयों की जानकारी सीधे शिक्षक से प्राप्त करते हैं।


2. समस्या की पहचान समय रहते:
यदि बच्चा किसी विषय में कमजोर है या व्यवहारिक समस्या है, तो शिक्षक उसकी पहचान करके अभिभावकों को बता सकते हैं ताकि समय पर सुधार किया जा सके।


3. सामंजस्य और सहयोग:
शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चे के विकास की रणनीति बना सकते हैं। यह आपसी संवाद बच्चे के उज्जवल भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी होता है।


4. आत्मविश्वास में वृद्धि:
जब अभिभावक स्कूल से जुड़े रहते हैं और बच्चे की गतिविधियों में रुचि लेते हैं, तो बच्चा अधिक आत्मविश्वासी और जिम्मेदार बनता है।


5. स्कूल की कार्यप्रणाली की जानकारी:
अभिभावक स्कूल में चल रही पढ़ाई, नियमों, अनुशासन और गतिविधियों के बारे में विस्तार से जान पाते हैं।


6. पर्सनल फीडबैक:
शिक्षक बच्चे की व्यक्तिगत क्षमताओं, रूचियों और व्यवहार पर आधारित फीडबैक देते हैं, जो अभिभावकों के लिए काफी उपयोगी होता है।


7. बच्चों को सकारात्मक संदेश:
जब बच्चे देखते हैं कि उनके माता-पिता उनकी पढ़ाई और स्कूल से जुड़े हैं, तो वे खुद को अधिक जिम्मेदार और प्रेरित महसूस करते हैं।

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